अर्थशास्त्र Slokas – क्रमवार हिंदी एवं English व्याख्या ०१.११.०१ – उपधि-शुद्ध अमात्य वर्ग Collapsible View उपधाभिः शुद्ध-अमात्य-वर्गो गूढ-पुरुषानुत्पादयेत्कापटिक-उदास्थित-गृह-पतिक-वैदेहक-तापस-व्यञ्जनान्सत्त्रि-तीष्क्ण-रसद-भिक्षुकीश्च।। हिंदी व्याख्या: इस श्लोक में बताया गया है कि अमात्य वर्ग का चयन उपधियों के अनुसार होना चाहिए। इसमें शामिल व्यक्ति गूढ़ पुरुष, कापटिक (धोखेबाज़), उदासीन, गृहपति, वैदेहक, तपस्वी, भिक्षु आदि प्रकार के हो सकते हैं। प्रत्येक वर्ग की अपनी विशेष योग्यता और जिम्मेदारी होती है। E…