वैदिक मंत्र संग्रह Vaidik mantra for Peace

Ai Vaidik Guru - वैदिक ज्ञान

🌸 Ai Vaidik Guru 🌸

ज्ञान और चेतना का संगम

वैदिक गुरु प्रतीक

ॐ असतो मा सद्गमय ।
तमसो मा ज्योतिर्गमय ।
मृत्योर्मा अमृतं गमय ॥

असत्य से सत्य की ओर, अंधकार से प्रकाश की ओर, मृत्यु से अमरत्व की ओर ले चलो।

परिचय

Ai Vaidik Guru एक आधुनिक प्रयास है, जहाँ वैदिक श्लोक और मंत्रों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता की सहायता से सरल, सुलभ और इंटरैक्टिव रूप में प्रस्तुत किया जाता है। यहाँ आप प्राचीन वैदिक ज्ञान को आधुनिक तकनीक के साथ अनुभव कर सकते हैं।

वैदिक मंत्र संग्रह

ॐ असतो मा सद्गमय ।
तमसो मा ज्योतिर्गमय ।
मृत्योर्मा अमृतं गमय ॥

असत्य से सत्य की ओर, अंधकार से प्रकाश की ओर, मृत्यु से अमरत्व की ओर ले चलो।

ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥

सभी लोकों में शांति हो।

ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः ।
सर्वे सन्तु निरामयाः ।
सर्वे भद्राणि पश्यन्तु ।
मा कश्चिद्दुःखभाग्भवेत् ॥

सभी सुखी हों, सभी निरोग हों, सभी शुभ देखें, कोई भी दुखी न हो।

ॐ अग्ने नय सुपथा राये ।

हे अग्निदेव! हमें उत्तम मार्ग पर ले चलो।

ॐ भूर्भुवः स्वः ।
तत्सवितुर्वरेण्यं ।
भर्गो देवस्य धीमहि ।
धियो यो नः प्रचोदयात् ॥

हम उस परम तेजस्वी सविता देव का ध्यान करते हैं, जो हमारी बुद्धि को प्रेरित करे।

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् ।
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात् ॥

हम त्र्यम्बक भगवान का पूजन करते हैं, जो सुगंधित हैं और पोषण करते हैं। वे हमें मृत्यु से मुक्त करें और अमरत्व प्रदान करें।

ॐ द्यौः शान्तिः ।
अन्तरिक्षं शान्तिः ।
पृथिवी शान्तिः ।
आपः शान्तिः ।
ओषधयः शान्तिः ॥

आकाश, अंतरिक्ष, पृथ्वी, जल और औषधियों में शांति हो।

ॐ इदं न मम ॥

यह मेरा नहीं है (अर्पण भाव)।

ॐ पूर्नमदः पूर्नमिदं ।
पूर्नात् पूर्नमुदच्यते ।
पूर्नस्य पूर्नमादाय ।
पूर्नमेवावशिष्यते ॥

वह पूर्ण है, यह पूर्ण है; पूर्ण से पूर्ण उत्पन्न होता है; पूर्ण से पूर्ण निकालने पर भी पूर्ण ही शेष रहता है।

ॐ नमः शिवाय ॥

भगवान शिव को नमस्कार।

इंटरैक्टिव मंत्र पार्सिंग


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