अर्थशास्त्रम्/अधिकरणम् २/अध्यायः १ kautilya arthashastra chapter 2.1 hindi english Explanation

०२.०१.०१ – नए जनपद की स्थापना

भूत-पूर्वं अभूत-पूर्वं वा जन-पदं पर-देश-अपवाहनेन स्व-देश-अभिष्यन्द-वमनेन वा निवेशयेत् ।।
हिंदी व्याख्या:
राजा को चाहिए कि वह पुराने या नए प्रदेश में जनपद बसाए। इसके लिए वह अन्य देशों से लोगों को लाकर या अपने देश की अतिरिक्त जनसंख्या को वहाँ बसाकर नई बस्तियाँ स्थापित करे।

English Explanation:
The king should establish settlements in regions that were either previously inhabited or entirely new. This can be done by bringing people from other countries or relocating surplus population from his own territory.

०२.०१.०२ – ग्राम की संरचना

शूद्र-कर्षक-प्रायं कुल-शत-अवरं पञ्च-कुल-शत-परं ग्रामं क्रोशद्-विक्रोश-सीमानं अन्योन्य-आरक्षं निवेशयेत् ।।
हिंदी व्याख्या:
ग्राम मुख्यतः कृषकों से युक्त होना चाहिए। एक ग्राम में लगभग **100 से 500 परिवार** हों। ग्रामों की सीमा एक से दो क्रोश की दूरी पर हो और वे एक-दूसरे की सुरक्षा कर सकें।

English Explanation:
A village should primarily consist of agricultural families. It should contain between **100 and 500 households**. Villages should be placed within one or two kroshas distance so they can mutually support and protect each other.

०२.०१.०३ – ग्राम की सीमाएँ

नली-शैल-वन-भृष्टि-दरी-सेतु-बन्ध-शमी-शाल्मली-क्षीर-वृक्षानन्तेषु सीम्नां स्थापयेत् ।।
हिंदी व्याख्या:
ग्राम की सीमाएँ प्राकृतिक या स्थायी चिन्हों से निर्धारित की जानी चाहिए जैसे: • नदियाँ • पर्वत • वन • घाटियाँ • पुल या बाँध • शमी, शाल्मली जैसे वृक्ष ताकि सीमा स्पष्ट और स्थायी रहे।

English Explanation:
Village boundaries should be marked by natural or permanent features such as rivers, hills, forests, valleys, bridges, dams, or specific trees like Shami and Shalmali to ensure clear territorial limits.

०२.०१.०४ – प्रशासनिक संगठन

अष्टशत-ग्राम्या मध्ये स्थानीयम् । चतुह्शत-ग्राम्या द्रोण-मुखम् । द्विशत-ग्राम्याः कार्वटिकम् । दश-ग्रामी-संग्रहेण संग्रहं स्थापयेत् ।।
हिंदी व्याख्या:
कौटिल्य प्रशासनिक व्यवस्था को कई स्तरों में बाँटते हैं: • **800 ग्रामों के मध्य – स्थानीय (प्रमुख प्रशासन केंद्र)** • **400 ग्रामों के लिए – द्रोणमुख** • **200 ग्रामों के लिए – कार्वटिक** • **10 ग्रामों के समूह – संग्रह** इससे शासन और कर व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाया जा सके।

English Explanation:
Administrative divisions should be organized as follows: • **Central administration for 800 villages – Sthaniya** • **For 400 villages – Dronamukha** • **For 200 villages – Karvatika** • **Groups of 10 villages – Sangraha** This hierarchical system ensures effective governance and revenue collection.

०२.०१.०५ – सीमाओं की रक्षा

अन्तेषु अन्त-पाल-दुर्गाणि जन-पद-द्वाराणि अन्त-पाल-अधिष्ठितानि स्थापयेत् ।।
हिंदी व्याख्या:
जनपद की सीमाओं पर किले और सुरक्षा चौकियाँ स्थापित करनी चाहिए। इन द्वारों की रक्षा **अन्तपाल (सीमा रक्षक अधिकारी)** द्वारा की जानी चाहिए।

English Explanation:
Fortified outposts should be placed at the borders of the territory. These frontier gates must be guarded by **Antapalas (frontier officers)** to protect the state.

०२.०१.०६ – सीमाओं की रक्षा

तेषां अन्तराणि वागुरिक-शबर-पुलिन्द-चण्डाल-अरण्य-चरा रक्षेयुः ।।
हिंदी व्याख्या:
ग्रामों और सीमावर्ती क्षेत्रों के बीच के प्रदेशों की रक्षा वागुरिक, शबर, पुलिन्द, चण्डाल और अन्य वनवासी समुदायों द्वारा की जानी चाहिए।

English Explanation:
The intermediate forest regions between settlements should be guarded by forest-dwelling communities such as Vagurika, Shabara, Pulinda, Chandala and other forest tribes.

०२.०१.०७ – ब्राह्मणों और अधिकारियों को भूमि दान

ऋत्विग्-आचार्य-पुरोहित-श्रोत्रियेभ्यो ब्रह्म-देयानि अदण्ड-कराणि अभिरूप-दायादकानि प्रयच्छेत् ।। अध्यक्ष-संख्यायक-आदिभ्यो गोप-स्थानिक-अनीकस्थ-चिकित्सक-अश्व-दमक-जङ्घाकारिकेभ्यश्च विक्रय-आधान-वर्जानि ।।
हिंदी व्याख्या:
राजा को ऋत्विज, आचार्य, पुरोहित और विद्वान ब्राह्मणों को कर-मुक्त और दण्ड-मुक्त ब्रह्मदेय भूमि प्रदान करनी चाहिए। इसी प्रकार प्रशासनिक अधिकारियों, सैनिकों, चिकित्सकों, अश्व-प्रशिक्षकों और अन्य सेवकों को भी ऐसी भूमि दी जा सकती है, परंतु उसे बेचा या गिरवी नहीं रखा जा सकता।

English Explanation:
The king should grant tax-free Brahmadeya lands to priests, teachers, and learned Brahmins. Similarly, administrative officials, soldiers, physicians, horse trainers, and other state servants may receive land grants, though such lands cannot be sold or mortgaged.

०२.०१.०८ – कर देने वाले कृषकों को भूमि

करदेभ्यः कृत-क्षेत्राणि एक-पुरुषिकाणि प्रयच्छेत् ।।
हिंदी व्याख्या:
कर देने वाले कृषकों को खेती के लिए भूमि दी जानी चाहिए, जो एक परिवार के भरण-पोषण के लिए पर्याप्त हो।

English Explanation:
Tax-paying farmers should be allotted cultivated land sufficient for the livelihood of a single family.

०२.०१.०९ – भूमि का अधिकार

अकृतानि कर्तृभ्यः न देयानि ।।
हिंदी व्याख्या:
जो भूमि किसी व्यक्ति ने स्वयं विकसित नहीं की है, उसे उसे स्थायी रूप से नहीं दिया जाना चाहिए।

English Explanation:
Land that has not been cultivated or developed by a person should not be permanently granted to him.

०२.०१.१० – भूमि का पुनः वितरण

अकृषतां आछिद्य अन्येभ्यः प्रयच्छेत् ।।
हिंदी व्याख्या:
यदि कोई व्यक्ति भूमि को खेती के बिना छोड़ देता है, तो राज्य उस भूमि को लेकर दूसरे कृषकों को दे सकता है।

English Explanation:
If a person leaves the land uncultivated, the state may confiscate it and allot it to others who will cultivate it.

०२.०१.११ – कृषि कार्य

ग्राम-भृतक-वैदेहका वा कृषेयुः ।।
हिंदी व्याख्या:
यदि भूमि का स्वामी खेती न करे तो ग्राम के मजदूर या वैदेहक (कृषि मजदूर) उस भूमि की खेती कर सकते हैं।

English Explanation:
If the owner does not cultivate the land, village laborers or hired workers may cultivate it instead.

०२.०१.१२ – उपज का दंड

अकृषन्तो वा अवहीनं दद्युः ।।
हिंदी व्याख्या:
यदि भूमि का स्वामी खेती नहीं करता है, तो उसे राज्य को दंड या क्षतिपूर्ति देनी पड़ सकती है।

English Explanation:
If the landholder fails to cultivate the land, he may be required to pay compensation or penalty to the state.

०२.०१.१३ – कृषकों को सहायता

धान्य-पशु-हिरण्यैश्च एतान् अनुगृह्णीयात् ।।
हिंदी व्याख्या:
राजा को चाहिए कि वह कृषकों और बसने वाले लोगों को धान्य, पशु और धन देकर सहायता करे।

English Explanation:
The king should support settlers and farmers by granting them grain, cattle and money.

०२.०१.१४ – प्रजा का सहयोग

तानि अनु सुखेन दद्युः ।।
हिंदी व्याख्या:
प्रजा को भी यह सहायता प्रसन्नता और सहजता से स्वीकार करके उसका उचित उपयोग करना चाहिए।

English Explanation:
The people should accept such assistance willingly and use it productively.

०२.०१.१५ – कोष वृद्धि की नीति

अनुग्रह-परिहारौ च एतेभ्यः कोश-वृद्धि-करौ दद्यात् । कोश-उपघातकौ वर्जयेत् ।।
हिंदी व्याख्या:
राजा को प्रजा को दिए जाने वाले अनुग्रह (सहायता) और परिहार (कर छूट) ऐसे देने चाहिए जो राज्य के कोष को बढ़ाने वाले हों, न कि कोष को नुकसान पहुँचाने वाले।

English Explanation:
Royal concessions and exemptions should be designed in a way that ultimately increases the treasury and not damages it.

०२.०१.१६ – कमजोर कोष का परिणाम

अल्प-कोशो हि राजा पौर-जानपदानेव ग्रसते ।।
हिंदी व्याख्या:
जिस राजा का कोष कम होता है, वह अंततः अपनी ही प्रजा और जनपदों पर अत्यधिक कर लगाकर उन्हें कष्ट देता है।

English Explanation:
A king with an insufficient treasury tends to exploit his own citizens and territories.

०२.०१.१७ – कर छूट का समय

निवेश-सम-कालं यथा-आगतकं वा परिहारं दद्यात् ।।
हिंदी व्याख्या:
नई बसावट के समय या परिस्थितियों के अनुसार लोगों को कर छूट दी जानी चाहिए।

English Explanation:
Tax exemptions may be granted during the establishment of new settlements or as required by circumstances.

०२.०१.१८ – प्रजा के प्रति पितृवत व्यवहार

निवृत्त-परिहारान् पिता इव अनुगृह्णीयात् ।।
हिंदी व्याख्या:
जब कर छूट समाप्त हो जाए, तब भी राजा को प्रजा के प्रति पिता के समान स्नेह और संरक्षण का व्यवहार करना चाहिए।

English Explanation:
Even after tax exemptions end, the king should continue to support his subjects like a father.

०२.०१.१९ – आर्थिक संस्थाओं की स्थापना

आकर-कर्म-अन्त-द्रव्य-हस्ति-वन-व्रज-वणिक्-पथ-प्रचारान् वारि-स्थल-पथ-पण्य-पत्तनानि च निवेशयेत् ।।
हिंदी व्याख्या:
राजा को खदानें, उद्योग, हाथियों के वन, पशु-चरागाह, व्यापार मार्ग, जल और स्थल मार्ग, बाज़ार और बंदरगाह स्थापित करने चाहिए।

English Explanation:
The king should establish mines, industries, elephant forests, cattle pastures, trade routes, waterways, markets and ports.

०२.०१.२० – जल प्रबंधन

सह-उदकं आहार्य-उदकं वा सेतुं बन्धयेत् ।।
हिंदी व्याख्या:
राजा को प्राकृतिक जल स्रोतों या कृत्रिम जलस्रोतों के माध्यम से बाँध और सिंचाई व्यवस्था स्थापित करनी चाहिए।

English Explanation:
The king should construct dams and irrigation systems using natural or artificially supplied water sources.

०२.०१.२१ – सार्वजनिक निर्माण में सहायता

अन्येषां वा बध्नतां भूमि-मार्ग-वृक्ष-उपकरण-अनुग्रहं कुर्यात् । पुण्य-स्थान-आरामाणां च ।।
हिंदी व्याख्या:
जो लोग भूमि सुधार, मार्ग निर्माण, वृक्षारोपण या अन्य सार्वजनिक कार्य करते हों, राजा को उन्हें साधन और सहायता प्रदान करनी चाहिए। इसी प्रकार धार्मिक स्थानों और उद्यानों के निर्माण में भी सहायता करनी चाहिए।

English Explanation:
The king should support those who build roads, improve land, plant trees, or develop infrastructure, as well as those who establish sacred places and gardens.

०२.०१.२२ – सेतु निर्माण में सहयोग

सम्भूय-सेतु-बन्धाद् अपक्रामतः कर्मकर-बलीवर्दाः कर्म कुर्युः ।।
हिंदी व्याख्या:
यदि लोग मिलकर बाँध या पुल का निर्माण करें और कोई व्यक्ति उस कार्य से हट जाए, तो उसके मजदूर और बैल उस कार्य को पूरा करने के लिए लगाए जाएँ।

English Explanation:
If people jointly construct a dam or bridge and someone withdraws, his laborers and oxen must still contribute to completing the work.

०२.०१.२३ – व्यय में भागीदारी

व्ययकर्मणि च भागी स्यात् । न च अंशं लभेत ।।
हिंदी व्याख्या:
यदि कोई व्यक्ति निर्माण कार्य के बीच में हट जाता है, तो उसे खर्च में हिस्सा देना होगा, परन्तु लाभ में हिस्सा नहीं मिलेगा।

English Explanation:
A person withdrawing from a joint project must share the expenses but will not receive a share in the benefits.

०२.०१.२४ – सेतु और जल संसाधनों पर अधिकार

मत्स्य-प्लव-हरि-तपण्यानां सेतुषु राजा स्वाम्यं गच्छेत् ।।
हिंदी व्याख्या:
पुलों और बाँधों में मिलने वाली मछलियाँ, नौकाएँ, वन्य उत्पाद और अन्य लाभों पर राजा का अधिकार होता है।

English Explanation:
The king holds authority over resources and revenues arising from bridges and dams, such as fish, boats, and aquatic products.

०२.०१.२५ – दास और आश्रितों की रक्षा

दास-आहितक-बन्धून् अशृण्वतः राजा विनयं ग्राहयेत् ।।
हिंदी व्याख्या:
यदि कोई व्यक्ति अपने दासों, आश्रितों या परिवारजनों की शिकायत नहीं सुनता, तो राजा उसे अनुशासन में लाए।

English Explanation:
If a master neglects complaints of slaves or dependents, the king should enforce discipline upon him.

०२.०१.२६ – कमजोर वर्गों की सुरक्षा

बाल-वृद्ध-व्यसन्य्-अनाथांश्च राजा बिभृयात् । स्त्रियं अप्रजातां प्रजातायश्च पुत्रान् ।।
हिंदी व्याख्या:
राजा को बच्चों, वृद्धों, रोगियों और अनाथों का पालन करना चाहिए। साथ ही जिन स्त्रियों के बच्चे नहीं हैं या जिनके बच्चे हैं, दोनों की रक्षा करनी चाहिए।

English Explanation:
The king must protect children, the elderly, the afflicted and the orphaned, as well as women with or without children.

०२.०१.२७ – अनाथ संपत्ति की रक्षा

बाल-द्रव्यं ग्राम-वृद्धाः वर्धयेयुः व्यवहार-प्रापणात् । देव-द्रव्यं च ।।
हिंदी व्याख्या:
अनाथ बच्चों की संपत्ति का संरक्षण गाँव के बुजुर्गों द्वारा किया जाए जब तक कि वे स्वयं उसे संभालने योग्य न हो जाएँ। देवस्थान की संपत्ति भी इसी प्रकार सुरक्षित रखी जाए।

English Explanation:
The property of minors should be managed by village elders until they reach legal capacity. Temple property should also be safeguarded.

०२.०१.२८ – परिवार की उपेक्षा पर दण्ड

अपत्य-दारं माता-पितरौ भ्रातृण् अप्राप्त-व्यवहारान् भगिनीः कन्या विधवाश्च अबिभ्रतः शक्तिमतः द्वादश-पणो दण्डः ।
हिंदी व्याख्या:
यदि कोई समर्थ व्यक्ति अपने पुत्र, पत्नी, माता-पिता, भाई, अवयस्क बहनों, कन्याओं या विधवाओं का पालन नहीं करता, तो उसे बारह पन का दण्ड दिया जाए।

English Explanation:
A capable person who fails to support his children, wife, parents, siblings, unmarried sisters or widows shall be fined twelve panas.

०२.०१.२९ – परिवार को छोड़कर संन्यास का दण्ड

पुत्र-दारं अप्रतिविधाय प्रव्रजतः पूर्वः साहस-दण्डः । स्त्रियं च प्रव्राजयतः ।।
हिंदी व्याख्या:
जो व्यक्ति अपने पुत्र और पत्नी के भरण-पोषण की व्यवस्था किए बिना संन्यास ले लेता है, उसे “पूर्व साहस दण्ड” दिया जाना चाहिए। जो व्यक्ति अपनी पत्नी को भी जबरन संन्यास दिलाता है, उसे भी यही दण्ड दिया जाए।

English Explanation:
A man who renounces worldly life without making arrangements for the maintenance of his wife and children shall be punished with the first grade of fine. The same applies to one who forces his wife into renunciation.

०२.०१.३० – संन्यास की अनुमति

लुप्त-व्यायामः प्रव्रजेद् आपृच्छ्य धर्मस्थान् ।।
हिंदी व्याख्या:
जब व्यक्ति सांसारिक कार्यों से निवृत्त हो जाए, तब वह धर्माधिकारी से अनुमति लेकर संन्यास ग्रहण कर सकता है।

English Explanation:
A person free from worldly duties may renounce life after obtaining permission from religious authorities.

०२.०१.३१ – नियम उल्लंघन पर दण्ड

अन्यथा नियम्येत ।।
हिंदी व्याख्या:
यदि कोई व्यक्ति नियमों का पालन किए बिना संन्यास ग्रहण करता है, तो उसे दण्ड देकर नियंत्रित किया जाए।

English Explanation:
Otherwise, the person should be restrained and disciplined according to law.

०२.०१.३२ – संप्रदायों की स्थापना पर नियंत्रण

वानप्रस्थादन्यः प्रव्रजित-भावः । सजातादन्यः संघः । सामुत्थायिकादन्यः समय-अनुबन्धो वा नास्य जनपदं उपनिविशेत ।।
हिंदी व्याख्या:
वानप्रस्थ के अतिरिक्त अन्य प्रकार के संन्यासी, भिन्न जाति के संघ, या किसी अन्य प्रकार का अनुबंधित संगठन राज्य के जनपद में बसने की अनुमति न पाए।

English Explanation:
Ascetic groups other than forest hermits, associations of different castes, or contractual sectarian groups should not be allowed to settle in the kingdom.

०२.०१.३३ – मठ और आश्रम निर्माण का नियंत्रण

न च तत्र आरामाः विहार-अर्था वा शालाः स्युः ।।
हिंदी व्याख्या:
ऐसे समूहों के लिए राज्य में आश्रम, विहार या मठ जैसी संस्थाएँ स्थापित न होने दी जाएँ।

English Explanation:
Monasteries or halls meant for such sectarian groups should not be permitted in the territory.

०२.०१.३४ – मनोरंजन से कार्य में बाधा न हो

नट-नर्तक-गायन-वादक-वाग्-जीवन-कुशीलवा न कर्म-विघ्नं कुर्युः ।।
हिंदी व्याख्या:
नट, नर्तक, गायक, वादक और कलाकार लोगों के कार्यों में बाधा न डालें।

English Explanation:
Actors, dancers, singers, musicians and entertainers must not disturb the work of the people.

०२.०१.३५ – आर्थिक समृद्धि का कारण

निराश्रयत्वाद् ग्रामाणां क्षेत्र-अभिरतत्वाच्च पुरुषाणां कोश-विष्टि-द्रव्य-धान्य-रस-वृद्धिर्भवति ।।
हिंदी व्याख्या:
जब गाँव बाहरी आश्रयों से मुक्त रहते हैं और लोग कृषि कार्य में लगे रहते हैं, तब राज्य के कोष, कर, संपत्ति, धान्य और संसाधनों में वृद्धि होती है।

English Explanation:
When villages remain free from disruptive influences and people remain engaged in agriculture, the treasury, revenue, goods and food supply increase.

०२.०१.३६ – संकटग्रस्त जनपद

पर-चक्र-अटवी-ग्रस्तं व्याधि-दुर्भिक्ष-पीडितं ।।
हिंदी व्याख्या:
यदि कोई जनपद शत्रु सेना, वन्य प्रदेश, रोग या अकाल से पीड़ित हो जाए, तो राज्य को उसकी रक्षा और पुनर्व्यवस्था करनी चाहिए।

English Explanation:
If a region becomes afflicted by enemy invasion, forest dangers, disease, or famine, the king must protect and reorganize the territory.

०२.०१.३६ – व्यय-क्रीड़ा और राज्य संरक्षण

देशं परिहरेद्राजा व्यय-क्रीडाश्च वारयेत् ।।
हिंदी व्याख्या:
राजा को राज्य की रक्षा करनी चाहिए और व्यर्थ के खर्च तथा खेल-कूद से रोकना चाहिए।

English Explanation:
The king should protect the kingdom and prevent wasteful expenditure and recreational distractions.

०२.०१.३७ – कृषि और पशु संरक्षण

दण्ड-विष्टि-कर-आबाधै रक्षेदुपहतां कृषिं । स्तेन-व्याल-विष-ग्राहैर्व्याधिभिश्च पशु-व्रजान् ।।
हिंदी व्याख्या:
राजा को किसानों की फसल और पशुचरों को चोरी, जंगली जीव, विष या रोग से बचाना चाहिए।

English Explanation:
The king must protect crops and livestock from thieves, wild animals, poison, or diseases.

०२.०१.३८ – व्यापार और मार्ग सुरक्षा

वल्लभैः कार्मिकैः स्तेनैरन्त-पालैश्च पीडितं । शोधयेत्पशु-संघैश्च क्षीयमाणं वणिक्-पथं ।।
हिंदी व्याख्या:
राज्य को कर्मचारियों और व्यापारियों को चोरी और अन्य बाधाओं से सुरक्षित रखना चाहिए, और पशु संघों तथा नष्ट हो रहे व्यापार मार्गों की सफाई करनी चाहिए।

English Explanation:
The king should protect merchants and workers from theft and disturbances, and clear animal herds and damaged trade routes.

०२.०१.३९ – पुल और पूर्व-निर्मित कार्यों की सुरक्षा

एवं द्रव्य-द्वि-पवनं सेतु-बन्धं अथऽकरान् । रक्षेत्पूर्व-कृतान्राजा नवांश्चाभिप्रवर्तयेत् ।।
हिंदी व्याख्या:
राजा को पुल और सेतु के निर्माण कार्यों की सुरक्षा करनी चाहिए, साथ ही पुराने और नए किए गए कार्यों को बनाए रखना चाहिए।

English Explanation:
The king should protect bridges and embankments, and preserve both previously executed and newly undertaken works.

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