यजुर्वेद ३।२९ : प्राणऊर्जा, विद्युत और चेतना-विज्ञान का वैदिक सिद्धान्त
Section III - The Prana: Its Glories and Redeeming Power हिन्दी अंग्रेजी संस्कृत ब्याख्य
यज्जाग्रतो दूरमुदैति दैवं: क्या मन केवल एक मैकेनिकल ऑपरेटर है? शिवसंकल्प सूक्त की तात्विक विवेचना
यजुर्वेद ३२: क्या प्राचीन ऋषियों ने 'स्ट्रिंग थ्योरी' और १६ कलाओं का कोड खोज लिया था?
अंधानुकरण और 'तमस' (अंधकार) andhaanukaran tams aur andhkar
यजुर्वेद अध्याय 16 रुद्रसूक्त
Yajurveda Chapter 1 hindi english explanation
रुद्र सूक्त (यजुर्वेद अध्याय 16) – सभी 66 मंत्र
Vedic Mantra – Word by Word Yajurveda Chapter -1+ hindi english Explanation
Yajurveda Chapter 31 Purusha Sukta 1-24
AtharvaVeda kand 3 Sukta 21
Mimansa Darshan Chapter 10. 3
विद्वान कौन है? | यजुर्वेद 40.16 में चेतना, विद्या और परम सत्य की व्याख्या
ईशावास्योपनिषद् की सरल श्रृंखला”
विद्या और अविद्या का सही अर्थ
यजुर्वेद की व्याख्या (भाग – 5)
यजुर्वेद की व्याख्या (भाग – 4)
यजुर्वेद की व्याख्या (भाग – 3)
मानव समाज के साथ व्यवहार करने वाला
अध्याय 114 - मंदोदरी का विलाप: रावण का अंतिम संस्कार
स्वयंप्रकाशरूप
अध्याय 35 - हनुमान द्वारा सीता को अपना परिचय दे
क्या ईश्वर पाप क्षमा करता है ?
उद्यमशील समर्पण श्रद्धा पुरूषार्थ करो*
संसार में हर व्यक्ति योगी नहीं हो सकता है
अतिथि को भारतीय संस्कृति में माता, पिता और गुरू के पश्चात चौथा महान देवता माना गया है।
भविष्य की तकनीक: क्या सौर-चालित नैनो-यंत्र बचाएंगे पृथ्वी को ग्लोबल वार्मिंग से? यजुर्वेद ८.५८
होलिका' (होलक) का वैदिक एवं आयुर्वेदिक स्वरूप
आज का वेद मंत्र
सत्य के ग्रहण करने और असत्य को छोडने में सर्वदा उद्यत् रहना चाहिए
आज का वेद मंत्र
मनुष्य जन्म में किए हुए कर्मों के अनुसार ही आत्मा को शरीर मिलता है ।
मनुष्य शरीर एक घोड़ा गाड़ी जैसी है
महेश्वरसूत्राणि प्रवचन संस्कृत
यजुर्वेद अध्याय 40 हिन्दी व्याख्या
यजुर्वेद अध्याय 38 हिन्दी व्याख्या
यजुर्वेद अध्याय 37 हिन्दी व्याख्या
यजुर्वेद अध्याय 33 हिन्दी व्याख्या
यजुर्वेद अध्याय 32 हिन्दी व्याख्या
यजुर्वेद अध्याय 29 हिन्दी व्याख्या
यजुर्वेद अध्याय 28 हिन्दी व्याख्या
यजुर्वेद अध्याय 25 हिन्दी व्याख्या
यजुर्वेद अध्याय 23 हिन्दी व्याख्या
चार आश्रम ज्ञान, मधुर वाणी और श्रेष्ठ बुद्धि की प्रार्थना
भारतीय तत्त्वदर्शन में त्याग का स्थान इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
भाग्य को दोष न दें, पुरुषार्थ करें वेद, उपनिषद्, गीता और मनुस्मृति का प्रेरणादायक संदेश
जीवन का उद्देश्य । उत्तिष्ठत जाग्रत प्राप्य वरान्निबोधत: कठोपनिषद् के महामंत्र का आध्यात्मिक एवं वैज्ञानिक रहस्य
संसार में मनुष्य का प्रथम लक्ष्य ईश्वर-प्राप्ति ही क्यों है?
उपनिषदों में ईश्वर का स्वरूप सबसे महत्वपूर्ण विषय क्यों है?
समस्त सृष्टि का स्वामी एक परमात्मा यजुर्वेद 36.8 का सार्वभौमिक कल्याण का संदेश
यज्ञ, प्रार्थना और सत्कर्म का वैदिक संदेश यजुर्वेद 3.11 का प्रेरणादायक उपदेश
आदर्श राष्ट्र निर्माण की वैदिक प्रार्थना
सृष्टि की क्रमबद्ध व्यवस्था और परमात्मा की सर्वोच्च सत्ता यजुर्वेद 14.28 का गहन वैदिक संदेश
चौदह प्रकार के लोग जो मृततुल्य हैं।
ईश्वर दयालु और न्यायप्रिय है
जीवन का उद्देश्य । यजुर्वेद मंगलाचरण (प्रथम मंत्र): आध्यात्मिक व्याख्या और वैज्ञानिक दृष्टिकोण
पुत्रों को चाहिये कि शुभगुणों में वे अपने माता -पिता से भी श्रेष्ठ बनें
यजुर्वेद ३१।१९ : प्रजापति का चेतना-विज्ञान एवं ब्रह्माण्डीय रहस्य
अपने पुत्र और पुत्रियों को ब्रह्मचर्य, सदाचार व विद्या के द्वारा विद्वान, विदुषी, सुंदर और शीलयुक्त बनाने का पुनीत कर्तव्य प्रत्येक सद्गृहस्थ निभाए।
दिनांक - - ०७ जनवरी २०२५ ईस्वी
दिनांक - - ०६ जनवरी २०२५ ईस्वी
आध्यात्मिक जागरण भूत्यै जागरणमभूत्यै स्वप्नम् ।
आत्मा के दर्शन के उपाय इन्द्रस्य युज्य: सखा
🕉️🙏दिनांक - - १८ दिसम्बर २०२४ ईस्वी
दिनांक - - १७ दिसम्बर २०२४ ईस्वी
दिनांक - - १२ दिसम्बर २०२४ ईस्वी
यह वैराग्य क्या है? वशीकारसंज्ञा वैराग्यम् ।
दिनांक - - ०९ दिसम्बर २०२४ ईस्वी
दिनांक - - ०८ दिसम्बर २०२४ ईस्वी
दिनांक - - ०३ दिसम्बर २०२४ ईस्वी
दिनांक - - ०२ दिसम्बर २०२४ ईस्वी
दिनांक - - ०१ दिसम्बर २०२४ ईस्वी
दिनांक - -२९ नवम्बर २०२४ ईस्वी
दिनांक - -२६ नवम्बर २०२४ ईस्वी
जीवन का वास्तविक कवच क्या है?
दिनांक - -२३ नवम्बर २०२४ ईस्वी
ईश्वर और भगवान का भेद
दिनांक - -१८ नवम्बर २०२४ ईस्वी
दिनांक - -१७ नवम्बर २०२४ ईस्वी
दिनांक - -१५ नवम्बर २०२४ ईस्वी
दिनांक - -०६ नवम्बर २०२४ ईस्वी
ब्राह्मणों के शास्त्रीय आदर्श ब्रह्मर्षि वशिष्ठ हैं,न कि भगवान परशुराम --
श्रीअर्धनारीश्वरसहस्रनामावलिः
ईश्वर तेरी महिमा
मृतक श्राद्ध एक पाखण्ड!!!
ब्रह्म क्या है और ब्रह्म को कैसे प्राप्त करें भाग-2
जगत का शाश्वत राजा ब्राह्माण
राष्ट्राभिवर्धनम् सूक्त (1.29)
अथर्ववेद कालसूक्त ( 19 / 53 )
मशकविरचितः आर्षेयकल्पः श्रीवरदराजकृतविवृत्याख्यव्याख्या-समन्वितः
मेधासूक्त (क) एवं (ख) भावानुवाद सहित
रुद्रसूक्त [नीलसूक्त] भावनुवाद सहित
पंचदेवसूक्त वैदिक गणेश-स्तवन
Durga Shptashti, Part 3
यजुर्वेद अध्याय 21 मंत्र (46-61)
ब्रह्मचर्य के दो बड़े आचार्य- शङ्कर और शुक्राचार्य
मानव चेतना ही ब्रह्मांड का केन्द्र है
यजुर्वेद अध्याय 21 मंत्र (32-45)
यजुर्वेद अध्याय 21 मंत्र (01-31)
यजुर्वेद अध्याय 20 मंत्र (61-90)
यजुर्वेद अध्याय 20 मंत्र (31-60)
यजुर्वेद अध्याय 19 मंत्र (76-95)
यजुर्वेद अध्याय 19 मंत्र (51- 75)
यजुर्वेद अध्याय 19 मंत्र (31-50)
यजुर्वेद अध्याय 18
यजुर्वेद अध्याय 17 मंत्र (81-99)
यजुर्वेद अध्याय 17 मंत्र (61-80)
यजुर्वेद अध्याय 17 मंत्र (41 -60)
यजुर्वेद अध्याय 17 मंत्र (01- 20)
यजुर्वेद अध्याय 15 (1-10 )हिन्दी भाष्य स्वामी दयानंद सरस्वती
यजुर्वेद अध्याय 14 हिन्दी भाष्य
शरीर मन से अलग आत्मा का केन्द्र है,
वैश्वानर ज्योतीः भुयासमः, विश्व की आँख बने, यजुर्वेद मंत्र,
यजुर्वेद मंत्र संस्कृत प्रथम अध्याय 1-5
दिव्य ऊर्जावान ईश्वर
ब्रह्मविज्ञान - शुद्ध ज्ञान - शुद्ध कर्म - शुद्ध उपासना क्या है
दृष्टिकोण: मंदिर की परिक्रमा और एकाग्रता
इशावास्योपनिषद यजुर्वेद 40 अध्याय
प्राथमिकता: जब नियति निर्णय लेती है
यजुर्वेद » अध्याय:13» मन्त्र: 41 से 50
यजुर्वेद » अध्याय:13» मन्त्र: 21 से 30
यजुर्वेद » अध्याय:13» मन्त्र: 11 से 20
यजुर्वेद » अध्याय:13» मन्त्र:1 से 10
यजुर्वेद » अध्याय:12» मन्त्र: 111 से 117
यजुर्वेद » अध्याय:12» मन्त्र: 101 से 110
यजुर्वेद » अध्याय:12» मन्त्र:91 से 100
यजुर्वेद » अध्याय:12» मन्त्र:81 से 90
यजुर्वेद » अध्याय:12» मन्त्र:71 से 80
यजुर्वेद » अध्याय:12» मन्त्र:61 से 70
यजुर्वेद » अध्याय:12» मन्त्र:41 से 50
यजुर्वेद » अध्याय:12 मंत्र 31 से 40
यजुर्वेद » अध्याय:12 मंत्र 21 से 30
यजुर्वेद » अध्याय:12 मंत्र 11 से 20
6 Feet land A Hindi Story of Leo Tolstoy- Hindi दो बहनों कि कथा
श्रवण और कालु किसान -story in hindi
अर्जुन और मोहन किसान story
रीक्ष का शिकार- रीक्ष का शिकार story of Leo-Tolstoy Hindi
कहानि कर्मविर की लियोटालस्टाय
कृष्ण और पांडव के स्वर्गारोहण की कथा
संस्कृत शुभाषित
अभिज्ञानशाकुन्तल संक्षिप्त कथावस्तु
वैराग्य संदीपनी गोस्वामितुलसीदासकृत हिंदी
अग्नि सुक्तम् - अग्निमीळे पुरोहितं यज्ञस्य देवमृत्विजम्
VISHNU PURANA. - BOOK III. CHAP. XI.
Self-Suggestion Chapter 7
चंद्रकांता (उपन्यास) पहला अध्याय : देवकीनन्दन खत्री
खूनी औरत का सात खून (उपन्यास) : किशोरी लाल गोस्वामी
ब्राह्मण की बेटी : शरतचंद्र चट्टोपाध्याय (बांग्ला उपन्यास)
WHO CAN BE A YOGI?= CONSTRUCTIVE IDEALISM.
MAN--THE MASTER. = SELF-DEVELOPMENT.=DEVELOPING THE SPIRITUAL CONSCIOUSNESS.
MAN: ANIMAL AND DIVINE.
THE YOGI CONCEPTION OF LIFE.
योग और ब्रह्मचर्य
प्राचिन आर्य और ब्रह्मचर्य
कैसे जीना है सत्य और आस्था, मेरा गौरव।
Hymns to the Goddess by Arthur Avalon
CONCLUSION.
THE VAMPIRE'S ELEVENTH STORY.
THE VAMPIRE'S TENTH STORY.
THE VAMPIRE'S NINTH STORY.
THE VAMPIRE'S EIGHTH STORY.
THE VAMPIRE'S SEVENTH STORY.
THE VAMPIRE'S FIFTH STORY.
THE VAMPIRE'S FOURTH STORY.
THE VAMPIRE'S THIRD STORY.
THE VAMPIRE'S SECOND STORY.
THE VAMPIRE'S FIRST STORY.
एक मैं हूं दूसरा कोई नहीं
जीवन संग्राम -1, मिर्जापुर का परिचय
पर्मार्थ कि यात्रा के सुक्ष्म सोपान
कहानी माधो चमार की-लियोटलस्टाय
तीन भिक्षु -लियोटालस्टाय
कनफ्यूशियस के शिष्य चीनी विद्वान के शब्द। लियोटालस्टा
दयालु हृदय रुरु कथा
पंचतंत्र- कहानि क्षुद्रवुद्धि गिदण की
श्रेष्ट मनुष्य समझ बूझकर चलता है"
पंचतन्त्र कि कहानी मित्र लाभ
पंचतन्त्र की कहानी पिग्लक
राजकुमार और उसके पुत्र के बलिदान की कहानीः-
वैदिक विद्वान वैज्ञानिक विश्वामित्र के द्वारा अन्तरिक्ष में स्वर्ग की स्थापना
वैदिक इतिहास महाभारत की सुक्ष्म कथाः-
वैदिक इतिहास संक्षीप्त रामायण की कहानीः-
जीवन बदलने की अद्भुत कहानियां
इन्द्र और वृत्त युद्ध- भिष्म का युधिष्ठिर को उपदेश
15 सुन्दर जातक ज्ञानवर्धक कथाएं
भारतीय धर्म-दर्शन की परंपरा और भक्ति आंदोलन -1
ईशा वास्योपनिषद मंत्र -17 हिन्दी भाष्य सहित
ईशा वास्योपनिषद मंत्र -14 हिन्दी भाष्य सहित
ईशा वास्योपनिषद मंत्र -13 हिन्दी भाष्य सहित
ईशा वास्योपनिषद मंत्र -12 हिन्दी भाष्य सहित
ईशा वास्योपनिषद मंत्र -11 हिन्दी भाष्य सहित
ईशा वास्योपनिषद मंत्र 6 हिन्दी भाष्य सहित
अन्नविज्ञान और उसके चमत्कार
यजुर्वेद प्रथम अध्याय मंत्रा
आत्मा की यात्रा: पृथ्वी से आकाश और दिव्य प्रकाश तक
यजुर्वेद प्रथम अध्याय त्रयोदशः मंत्रभाष्यः-
यजुर्वेद प्रथम अध्याय एकादश मंत्रभाष्यः-
यजुर्वेद प्रथम अध्याय सप्तम् मंत्रभाष्य
यजुर्वेद प्रथम अध्याय चतुर्थमंत्र भाष्य
यजुर्वेद प्रथम अध्याय प्रथम और द्वितीय मंत्रा
मृत्यु के बाद क्या होता है? वेदों का उत्तर
असमप्रज्ञात समाधि क्या है? | यजुर्वेद 40.7 व्याख्या
मानव मन का संकल्प इंद्रियों का विश्लेषण और आत्मा का आदेश कैसे पारीत होता है।
यजुर्वेद ३१ अध्याय मंत्रा
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